देबा चारण के जन्मयाई रे,
सातों बहना तो आई पावणी,
मैया सातों बहना तो आई पावणी।।
बिजासन म्हारी इंदरगढ़ में,
जार पूजाई रे,
सबसे बड़ी तो मैया,
आप हो जगदंबा,
सबसे बड़ी तो मैया आप हो।।
दूजी तो कन्या रामगढ़,
जार पूजाई रे,
प्यारो लागे ओ,
थांको देवरों मईया,
प्यारो लागे ओ थाको देवरों।।
तीजी तो कन्या,
लाल बाई महाराणी रे,
भक्ता का सारा,
कारज सार दे महारानी,
भक्ता का सारा कारज सार दे।।
चौथी तो मैया,
बरवाड़ा पुजवाई रे,
रूप सुहाणो लागे आप को,
जगदंबा रूप सुहाणो लागे आप को।।
पंचम तो मैया,
करौली में जार पूजाई रे,
थे तो अन्न दाता म्हारी,
माई जी जगदंबा,
तू ही रखवाली म्हारी माई जी।।
करणी के संग,
गुलाब बाई पुजवाई रे,
प्यारी लागे वो देशनोक में,
जगदम्बा प्यारी लागे वो बीकानेर में।।
महिमा ने मैया,
हेमन्त सैनी गावे री,
निर्धन के आज्यों मैया पावणी,
जगदंबा निर्धन के आज्यो मैया पावणी।।
देबा चारण के जन्मयाई रे,
सातों बहना तो आई पावणी,
मैया सातों बहना तो आई पावणी।।
लेखक / गायक – हेमन्त सैनी इंदरगढ़।
रिकॉर्डिंग – मां भारती स्टुडियो टोंक।
संपर्क सूत्र – 9511552408








