चाल्या चाल्या हे निरंजन जोगी,
वो तो हाथ कमंडल ठाकै,
अलख़ जगावै।।
तर्ज – आया आया हे सखी एक।
वो तो भगमा बाणे आला,
भोले का रूप निराला,
भोले का रूप नीराला,
नाथां की शक्ति साथ हे,
अलख़ जगावै।।
वो तो शिव शिव रटता रह सै,
वो बात ज्ञान की कह सै,
वो बात ज्ञान की कह सै,
सिद्ध योगी निरंजन नाथ,
अलख़ जगावै।।
उसका धुणा चेतन जगता,
जब ध्यान भजन मैं लगता,
जब ध्यान भजन मैं लगता,
सुणो सखी गिरजार धाम हे,
अलख़ जगावै।।
आजाद भगत तपधारी,
धुणे की तपस्या भारी,
धुणे की तपस्या भारी,
संजीव यो होया निहाल,
अलख़ जगावै।।
चाल्या चाल्या हे निरंजन जोगी,
वो तो हाथ कमंडल ठाकै,
अलख़ जगावै।।
Singer – Sanjeev Tohana
9896578391








