उलझन में भी ओ बाबा संतोष कर रहे है भजन लिरिक्स
उलझन में भी ओ बाबा, संतोष कर रहे है, तेरा हाथ पीठ पर हम, महसूस कर रहे है, उलझन मे...
Read moreDetailsउलझन में भी ओ बाबा, संतोष कर रहे है, तेरा हाथ पीठ पर हम, महसूस कर रहे है, उलझन मे...
Read moreDetailsघनश्याम म्हारे हिवड़े में, रम जाओ प्यारा श्याम, मैं दास छू चरण कमल रो, ओ जी प्यारा श्याम, घनश्याम म्हारे...
Read moreDetailsआ गया मैं दुनियादारी, सारी बाबा छोड़ के, लेने आजा खाटू वाले, रींगस के उस मोड़ पे, लेने आजा खाटू...
Read moreDetailsतेरी महफ़िल में आके हे मनमोहन, अपना तन मन मैं तुझपे लुटा बैठी, अब तो चरणों से अपने लगा लो...
Read moreDetailsओ श्याम अगर दिन रात, तुम यूँ ही चले मेरे साथ, ना होगी हार मेरी, ना होंगी हार मेरी, चाहे...
Read moreDetailsसेठा को यो सेठ सांवरा, म्हारे मन ने भायो, म्हारे मन ने भायो, ई दुनिया में बहुत सेठ, यो जगत...
Read moreDetailsसबके सहारे लाखों, मुझे श्याम का सहारा। दोहा - कोई निर्धन अमीर है कोई, सब मेरे कृष्ण के पुजारी है,...
Read moreDetailsपहली बारी में उसकी, फिर होती सुनवाई है, खाटू में जाकर जिसने, दर पे अर्ज़ी लगाईं है, पहली बारी मे...
Read moreDetailsसांवरिया आ जाओ, की दर्श दिखा जाओ। ओ खाटू का सेठ सांवरा, विनय हमारी सुणियो, लीले चढ़कर आजा बाबा, लज्जा...
Read moreDetailsसांवरे सलोने आजा, तेरा इंतजार है, नैया तिरा दे मेरी, डूबी मझधार है।। तर्ज - सौ साल पहले। मीरा ने...
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