नमस्ते नाथ अविनाशी तुम्हे मस्तक नवाते है लिरिक्स
नमस्ते नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक नवाते है, तुम्हारे ध्यान चिंतन में, सभी आनंद पाते है, नमस्तें नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक...
Read moreDetailsनमस्ते नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक नवाते है, तुम्हारे ध्यान चिंतन में, सभी आनंद पाते है, नमस्तें नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक...
Read moreDetailsखाटू से आयो बाबा श्याम, देखो कीर्तन में, कीर्तन में देखो कीर्तन में, खाटू से आयों बाबा श्याम, देखो कीर्तन...
Read moreDetailsवृंदावन के कृष्ण मुरारी, अब तो सुनलो अर्ज हमारी।। द्वार पे तेरे कबसे पड़ा हूँ, दोनों हाथ पसारे खड़ा हूँ,...
Read moreDetailsतेरे नाम से सांवरिया, जीवन बदल गया है, कैसे कहूं मैं बाबा, क्या क्या नहीं मिला है, तेरे बिन बाबा...
Read moreDetailsदेखा अजब नजारा, दरबार में कन्हैया, दुनिया हुई दीवानी, तेरे प्यार में कन्हैया।। करते कभी हो जादू, कभी मारते हो...
Read moreDetailsहम श्याम के पागल है, दोहा - तेरे दर की अजब दरबारी, जहां हम एक आस किए बैठे है, बना...
Read moreDetailsझाला देवे जी, श्याम थाने झाला देवे जी, हाथ हिलाकर भजन सुणाकर, थाने रिझावे जी, झाला देवे जी, श्याम थानें...
Read moreDetailsछोटी सी कुटिया मेरी, आने में क्या है देरी, दीनो के घर जाने की, कान्हा आदत है तेरी, किरपा तू...
Read moreDetailsचालो खाटू में चालो जी, चालो खाटू में चालो, श्याम धणी की ग्यारस आई, चालो खाटू मे चालो जी, चालो...
Read moreDetailsजब भी अकेला पड़ता हूँ, मेरा श्याम ही साथ निभाता है, कर्मो से नालायक हूँ, फिर भी मुझको अपनाता है,...
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