काटो रोग माँ काली आ दरबार में
काटो रोग माँ काली आ दरबार में, खींची चली आ ईन भगतां के प्यार में।। तर्ज - काली कमली वाला।...
Read moreDetailsकाटो रोग माँ काली आ दरबार में, खींची चली आ ईन भगतां के प्यार में।। तर्ज - काली कमली वाला।...
Read moreDetailsदर दर की ठोकर खाकै, शरण मैं तेरी आ लिया, ले आँख खोल के देख, काली सिंह काल पा लिया।।...
Read moreDetailsछोड़ जगत ने आया दर पे, अपणे गले लगाले माँ, इस तंग हाली जिन्दगी से तू, मुझको आज बचाले माँ।।...
Read moreDetailsइस दुनिया में बाबा, मैं जितने जन्म पाऊं, हर जनम में गुरु गोरख, तेरा भगत में बण जाऊं।। तर्ज -...
Read moreDetailsमेरी मात कालका आ जोड़े में, गोरख की गेल।। तर्ज - एक योगी अलख जगावै हे। क्यों सोवै स जाग...
Read moreDetailsकालका करया तेरा विशवास, अखण्ड तेरी जोत जगादी माँ।। घटण दिए ना मान मेरा री, आण करो समाधान मेरा री,...
Read moreDetailsम्हारी मौज बणावण आला तू, तंगी नै मिटावण आला तू, तेरी जग में जय जयकार पित्र जी, तनै बणा दिऐ...
Read moreDetailsमौज बणा दी, ओ दादा खेड़े मौज बणा दी, हो तार दिया तूने भार, मौज बना दी, ओ दादा खेड़े...
Read moreDetailsभभूता आवैगा, डेरु के डंके पै।। सब गलियों मै फूल बिछादयो, बाबा जी का आसण लादयो, आकै कष्ट मिटावैगा, डेरु...
Read moreDetailsमिला दियो रै, सिद्ध पावै नाड्डी में।। दुख का इलाज सुण्या रै, नाड्डी मै, कटा दियो रै दुख, जावै नाड्डी...
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