हरि भजने पे तन ये पाओगे भजन लिरिक्स
हरि भजने पे तन ये पाओगे, बचना चाहे तो बचले रे प्राणी, वर्ना चौरासी में तो जाओगे, हरि भजने पे...
Read moreDetailsहरि भजने पे तन ये पाओगे, बचना चाहे तो बचले रे प्राणी, वर्ना चौरासी में तो जाओगे, हरि भजने पे...
Read moreDetailsखो दिया हीरा रे, प्राणी तूने बैकार मे, खो दिया हीरा रे।। तर्ज - झुमका गिरा रे। भेजा था गुरू...
Read moreDetailsअरे प्राणिऐ तूने, कहना गुरू का न माना, पड़े पछिताना तुझे पड़े पछिताना, अरे प्राणिऐ तुने, कहना गुरू का न...
Read moreDetailsतू ले ले रे जो भी लेना है, दुनिया का खुला बाजार है ये, हर चीज मिलेगी तुझको यहाँ, दो...
Read moreDetailsतुझे गुरू कितना समझाए, पर तेरी समझ न आए, गुरू बार बार समझाऐ, तेरी दो दिन की यह जिँदगी, बातो...
Read moreDetailsसाधन पे कभी न, तू मन किया गौर, गुरू बिन नही पाएगा मनवा, तू जग में ठौर।। तर्ज - सावन...
Read moreDetailsजो गए गुरु द्वारे, भव से पार हो गए, तू भी आजा गुरू द्वारे, दिन दो चार रह गए।। तर्ज...
Read moreDetailsतेरी महिमा को न जानूँ मै, बस यूँ ही चला आया हूँ, न जानूँ मै ध्यान भजन, तेरे द्वार चला...
Read moreDetailsरोज रोज करता है, मन तू बहाने, काहे न माने तू काहे न माने।। तर्ज - हमतो तेरे आशिक है।...
Read moreDetailsऐ मेरे सतगुरू, दाता कर दो मैहर, तेरी महिमा को, सुन सुन के आया मै दर, ऐ मेरें सतगुरू, दाता...
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