बजा कर राम का डंका जला दो फिर से लंका लिरिक्स
राम सिया के काज सँवारे बजरंगी, तेरी जय जग करता है, जलाई तुमने लंका, बजा कर राम का डंका, जला...
Read moreDetailsराम सिया के काज सँवारे बजरंगी, तेरी जय जग करता है, जलाई तुमने लंका, बजा कर राम का डंका, जला...
Read moreDetailsजिसने तेरे दर पे शीश झुकाया, उसको तूने अपने गले लगाया, क्या क्या तूने उसको नहीं दिया है, जिसने भी...
Read moreDetailsआये नहीं घनश्याम, जो साड़ी सर से सरकी, सर की सरकी पाँचो वर की, आस लगी है मोहे गिरधर की,...
Read moreDetailsजबसे मैया जी तेरा द्वार मिला, खिला खिला खिला मेरा मन खिला, चरणों का तेरे मैंने अमृत पिया, जब से...
Read moreDetailsबालाजी मुझे अपने, दर पे बुलाना, दर्शन से नैनो की, प्यास बुझाना, बालाजी मुझे अपना, दर्शन दिखाना, बालाजी मुझें अपने,...
Read moreDetailsभस्म तेरे तन की, बन जाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ, शाम सुबह गुण तेरा, गाऊं भोलेनाथ, भक्ति...
Read moreDetailsगुरु ज्ञान की ज्योति हमारी, वो ही ज्योत जलाता हूँ, गुरु की किरपा कैसे होती, मैं वो आज सुनाता हूँ।bd।...
Read moreDetailsहर किसी को नहीं मिलता, दरबार सांवरे का, खुशनसीब है वो जिनको है मिला, ये प्यार माधवे का, हर किसी...
Read moreDetailsमुझपे भी थोड़ा सा उपकार कर दे, श्याम मेरा जीवन भी गुलजार कर दे, दिल का ये सपना भी साकार...
Read moreDetailsफूलों में नज़ारों में ना यारों की, महफ़िल सजाने से, जो ख़ुशी मिलती मुझे, खाटू आ जाने से, खाटू आ...
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