उठो मुसाफिर बिस्तर बांधो
उठो मुसाफिर बिस्तर बांधो, गाड़ी आबा वाली है, राम नाम को टिकट कटा लो, घंटी बजबा वाली है।। अक्ल को...
Read moreDetailsउठो मुसाफिर बिस्तर बांधो, गाड़ी आबा वाली है, राम नाम को टिकट कटा लो, घंटी बजबा वाली है।। अक्ल को...
Read moreDetailsइन सांसो का भरोसा क्या, पल भर में क्या हो जाएगा, जब चिड़िया चुग जाएगी खेत, फिर पाछे पछताएगा, इन...
Read moreDetailsमोह में फंसा है प्राणी, चार दिन का मेला है, आना भी अकेला है, जाना भी अकेला है।। कोड़ी कोड़ी...
Read moreDetailsकितना खोया कितना पाया, तोल सके तो तोल रे, तूने हीरा गंवाया पगले, माटी के मोल, तूने हीरा गंवाया पगले,...
Read moreDetailsकिस धुन में तू बैठा बावरे, तू किस मद में मस्ताना है, सोने वाले जाग जा, संसार मुसाफिर खाना है।।...
Read moreDetailsमत प्रेम करो इस काया से, एक दिन तो दगा दे जाएगी, एक दिन तो दगा दे जाएगी, एक दिन...
Read moreDetailsये तन कीमती है, मगर है विनाशी, कभी अगले क्षण के, भरोसे ना रहना, निकल जाएगी छोड़, काया को पल...
Read moreDetailsबड़े भाग्य से ये मनुज तन मिला है, गंवाते गंवाते उम्र पार कर दी, खाने कमाने में आयु गँवा दी,...
Read moreDetailsजा काया नहीं है तेरी, दोहा - प्यास लगती है तो, पनघट की याद आती है, लाज लगती है तो,...
Read moreDetailsकाहे करता तू खुद पे, गुमान बावरे। दोहा - यहाँ अटल नियम, उस दाता के, यहाँ चले नहीं मनमानी है,...
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