माँ गे पड़लौ पुत्र विपत्ति में तू चुप कोना बैसल छ गे
माँ गे पड़लौ पुत्र विपत्ति में, तू चुप कोना बैसल छ गे, हे कोना बैसल छ गे, माँ तू कोना...
Read moreDetailsमाँ गे पड़लौ पुत्र विपत्ति में, तू चुप कोना बैसल छ गे, हे कोना बैसल छ गे, माँ तू कोना...
Read moreDetailsहम खुशी से विदाई तोहार करिले, फिर से आइहा ये माई अरदास करीले, फिर से आइहा ये माई अरदास करीले।।...
Read moreDetailsदेख कर रामजी को जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गई, राम देखे सिया को सिया राम...
Read moreDetailsआज मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दूल्हा में बड़का कमाल सखिया।। शेषमणि मोरिया कुंडल सोहे कनुआ, कारी कारी कजरारी जुल्मी...
Read moreDetailsराम जी से पूछे जनकपुर की नारी, बता दा बबुआ लोगवा देत कहे गारी, बता दा बबुआ।। तोहरा से पुछु...
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