आरती संग्रह

Aarti Sangrah Lyrics

जय जय त्रिभुवन वन्दिनी प्रातः स्मरणीय देवी स्तुति

जय जय त्रिभुवन वन्दिनी, गिरिनन्दिनि हे गिरिनन्दिनि हे, असुर निकन्दिनि मातु, जय जय शम्भु प्रिये।। त्रिगुण शक्ति निज धारणि, शुभकारिणि...

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जय भगवती देवी नमो वरदे श्रीभगवतीस्तोत्रम लिरिक्स

जय भगवती देवी नमो वरदे, जय पापविनाशिनि बहुफलदे।। देखे - नमस्कार देवी जयंती महारानी। जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे, प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे,...

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नित्य पठनीय गीताजी के पाँच श्लोक

नित्य पठनीय गीताजी के पाँच श्लोक, वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्, देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्। १. अजोऽपि सन्नव्ययात्मा भूतानामीश्वरोऽपि सन्, प्रकृतिं स्वामधिष्ठाय...

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