जय जय त्रिभुवन वन्दिनी प्रातः स्मरणीय देवी स्तुति
जय जय त्रिभुवन वन्दिनी, गिरिनन्दिनि हे गिरिनन्दिनि हे, असुर निकन्दिनि मातु, जय जय शम्भु प्रिये।। त्रिगुण शक्ति निज धारणि, शुभकारिणि...
Read moreDetailsजय जय त्रिभुवन वन्दिनी, गिरिनन्दिनि हे गिरिनन्दिनि हे, असुर निकन्दिनि मातु, जय जय शम्भु प्रिये।। त्रिगुण शक्ति निज धारणि, शुभकारिणि...
Read moreDetailsॐ जय श्री बाबोसा, बोलो जय श्री बाबोसा, चूरू धाम में विराजत, रूप हनुमत सा, ॐ जय श्रीं बाबोसा।। शीश...
Read moreDetailsजय भगवती देवी नमो वरदे, जय पापविनाशिनि बहुफलदे।। देखे - नमस्कार देवी जयंती महारानी। जय शुम्भनिशुम्भकपालधरे, प्रणमामि तु देवि नरार्तिहरे,...
Read moreDetailsमन में बिठाकर तेरी मूर्ति, उतारे ओ मैया तेरी आरती, सजाई है पूजा की थाली तेरी, लिए सच्ची श्रद्धा है...
Read moreDetailsनित्य पठनीय गीताजी के पाँच श्लोक, वसुदेवसुतं देवं कंसचाणूरमर्दनम्, देवकीपरमानन्दं कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्। १. अजोऽपि सन्नव्ययात्मा भूतानामीश्वरोऽपि सन्, प्रकृतिं स्वामधिष्ठाय...
Read moreDetailsश्री यमुनाजी के 41 पद, पद संख्या 1 पिय संग रंग भरि करि कलोले, सबन को सुख देन, पिय संग...
Read moreDetailsमाता अम्बे मेरी, माँ जगदम्बे मेरी, आरती उतारे आज, हम सब तेरी।। देखे - ॐ जय अम्बे गौरी। पान सुपारी...
Read moreDetailsश्री गणेश चालीसा लिरिक्स, दोहा - जय गणपति सदगुणसदन, कविवर बदन कृपाल, विघ्न हरण मंगल करण, जय जय गिरिजा लाल।।...
Read moreDetailsश्री लड्डू गोपाल चालीसा, दोहा - बाल रूप में शोभित हैं, श्री लड्डू गोपाल, जो जन नित सेवा करें, मिटे...
Read moreDetailsहो रही तेरी आरती, मिनावाड़ा की दशा माँ।। है जग जननी माँ कल्याणी, करे आरती भक्त तुम्हारी, द्वार तुम्हारे उतारे...
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