बस इतना ही संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा,
जाओ बेटी खुश रहना,
ले लो आशीष हमारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा,
जाओ बहना खुश रहना,
ले लो आशीष हमारा।।
तर्ज – जनम जनम का साथ है।
कोई बदल ना पाया,
ये दस्तूर पुराना,
छोड़ के माँ का आँचल,
संग पिया के जाना,
हुई पराई रहा न तुम पर,
वो अधिकार हमारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा।।
तू मेरे घर की बाती,
वो घर रोशन करना,
मेरे नयन की ज्योति,
चाँद वहां तुम बनना,
वो आंगन आबाद हुआ,
घर सूना हुआ हमारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा।।
कहता है हर कोई,
तू दादी की परछाई,
बेटी में माँ देखी तो,
आंख मेरी भर आई,
रंग रूप के संग विधाता,
दे उनका गुण सारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा।।
छोड़ मायका एक दिन,
हर बेटी को है जाना,
माँ की सोन चिरईया,
ये घर है बेगाना,
तेरी छुटकी बहन तेरे बिन,
हो गई है बेसहारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा।।
बस इतना ही संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा,
जाओ बेटी खुश रहना,
ले लो आशीष हमारा,
बस इतना हि संग था,
तुम्हारा हमारा,
तुम्हारा हमारा,
जाओ बहना खुश रहना,
ले लो आशीष हमारा।।
Singers – Sanjeev Srivastava & Anu Singh
Lyrics – Sanjeev Srivastava








