बंसी वाले को तुम याद करलो,
कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे,
उसने कर दी,
हाँ उसने कर दी,
उसने कर दी नजर जब दया की,
सारे कंकर बनेंगे सितारे,
बंसी वालें को तुम याद कर लो,
कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे।।
तर्ज – इश्क़ में हम तुम्हे क्या बताए।
जिसने पतझड़ बहारो में बदली,
जिसने कांटो में फूल खिलाये,
जिसने सर पे कई मुफ़लिसों के,
ताज हीरे जड़ित है सजाये,
तेरी झोली में,
हाँ तेरी झोली में,
तेरी झोली में तुम देख लेना,
वो ही भर देंगे खुद चाँद तारे,
बंसी वाले को तुम याद करलो
बंसी वालें को तुम याद कर लो।।
सौ कदम चलके वो थाम लेंगे,
एक कदम तुम कभी बढ़ के देखो,
वो लकीरे बदल देंगे तेरी,
तुम भरोसा कभी कर दे देखो,
तेरी कश्ती जो,
हाँ तेरी कश्ती जो,
तेरी कश्ती फसी जो भंवर में,
वो लगा देंगे पल में किनारे,
बंसी वालें को तुम याद कर लो।।
तुम छुपाओगे उससे भला क्या,
कौन कैसा वो पहचानते है,
किसके मन की गठरिया में क्या है,
बाख़बर है वो सब जानते है,
वो नचाते है,
हाँ वो नचाते है,
वो नचाते है उंगली पे सबको,
हम खिलौने क्या बस में हमारे,
बंसी वालें को तुम याद कर लो।।
बंसी वाले को तुम याद करलो,
कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे,
उसने कर दी,
हाँ उसने कर दी,
उसने कर दी नजर जब दया की,
सारे कंकर बनेंगे सितारे,
बंसी वालें को तुम याद कर लो,
कष्ट पल में काटेंगे तुम्हारे।।
Singer – Sonu Nigam Ji








