मति कर मन अन्न धन रो गुमान चेतावनी भजन लिरिक्स
मति कर मन अन्न धन रो गुमान, बादल वाली रे रीती छावली।। मत कर मन मद पद रो गुमान, जवानी...
मति कर मन अन्न धन रो गुमान, बादल वाली रे रीती छावली।। मत कर मन मद पद रो गुमान, जवानी...
जबसे है लिया प्रभु नाम तेरा, तेरा नाम ही मेरी, अब ज़ुबानी हो गई, ओ श्याम सलोने तेरी, मैं दीवानी...
एक बार तो मोहन आजा रे, मिलने के लिए मन तरसे है, मिलने के लिए मन तरसे है, बतिया के...
दो ही बोल है इस जीवन में, सच्चे सीधे साधे, बोलो राधे बोलो राधे, बोलो राधे बोलो राधे।। श्याम के...
झाड़ो मोरछड़ी को लगवाले, हो जासी कल्याण, मोरछड़ी के माए विराजे, खाटू वालो श्याम, झाड़ो मोरछड़ी को लगवालें, हो जासी...
वह जीवन जन्म निरर्थक है, जिसमें प्रभु के प्रति प्यार न हो, निष्फल वह विद्या बल वैभव, जिससे जग का...
श्री मद भागवत में, अक्षर होते सात, सात ही दिन होते है भईया, रातें होती हैं सात, सात की अजब...
जिस घर में हरि गुणगान, वो घर है स्वर्ग समान, आँगन तुलसी गो सेवा, यही मानव की पहचान।। तर्ज -...
होके शेरो के रथ पे सवार, मैया पावागढ़ से चली, तेरी मैदां में चमके तलवार, मैया पावागढ़ से चली, होके...
गर जोर मेरो चालै, चुनरी ओढाऊ तनै लाख की, के करा पर दादी कोन्या, बात या मेरे हाथ की।। रतन...
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