राम भजन करले रे म्हारा मनवा भजन लिरिक्स
राम भजन करले रे म्हारा मनवा, दोहा - लोभ सदा जिनके धन को जन, सो निश्वासर दाम भजे, भोग इच्छा...
राम भजन करले रे म्हारा मनवा, दोहा - लोभ सदा जिनके धन को जन, सो निश्वासर दाम भजे, भोग इच्छा...
सतगुरु शरण गयो सुख पायो, दोहा - कहे दास सगराम, गुरु की महिमा भारी, कीकर वरणी जाय, जीब धुजे रे...
राधिका प्रेम भक्ति रस आली, दोहा - उस भूमि को कौन बखान सके, जिस भूमि पे खेली है भानु दुलारी,...
तेरी बांकी अदा बांके बिहारी, दोहा - बांके बिहारी की बांकी अदा पे, मैं बार बार बलिहारी जाऊं, जनम जनम...
ना जाने कौन से गुण पर, दयानिधि रीझ जाते है। दोहा - प्रबल प्रेम के पाले पड़कर, प्रभु को नियम...
जब सर पे हाथ है तेरा, तेरे होते क्यो फिकर करूँ मैं, ओ बाबोसा मेरे भगवन, तेरा हरपल शुकर करूँ...
कागज मंड गयो रे कर्मा को, दोहा - तारा की ज्योति में चंद्र छिपे ना, सूर्य छिपे ना बादल छाया,...
प्रितम पायो रे काया में, दोहा - पूरण भेंट लिया गुरु पूरण, पूरण बोध भया अज मोई, पूरण की पहचान...
भजन कर नर स्वांसों की, दोहा - उपकार बडो निज धर्म कहे, तन से मन से धन से कर रे,...
पाखंड में नर क्यों भटका खावे रे, दोहा - उपकार बडो निज धर्म कहे, तन से मन से धन से...
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