ऐ श्याम कमल जरा सामने आ,
हम तेरे नाज उठाएंगे,
चेहरे से जरा पर्दा तो हटा,
हम तेरे सदके जाएंगे।।
तू शम्में वफ़ा मैं परवाना,
तेरी लौ मैं मुझको जल जाना,
तेरी सांवरी सूरत पे मोहन,
निज प्राणों की भेंट चढ़ाएंगे,
ए श्याम कमल ज़रा सामने आ,
हम तेरे नाज उठाएंगे।।
भूल जाओगे तुम रूठने की अदा,
यूं प्यार मेरा रंग लाएगा,
नैनों में भरकर प्रेम का जल,
तेरे चरणों में नीर बहाएंगे,
ए श्याम कमल ज़रा सामने आ,
हम तेरे नाज उठाएंगे।bd।
माना के नजरों से दूर हो तुम,
और आने से मजबूर हो तुम,
दिल थाम के खुद रह जाएंगे,
हम ऐसी प्रीत निभाएंगे,
ए श्याम कमल ज़रा सामने आ,
हम तेरे नाज उठाएंगे।।
ऐ श्याम कमल जरा सामने आ,
हम तेरे नाज उठाएंगे,
चेहरे से जरा पर्दा तो हटा,
हम तेरे सदके जाएंगे।।
स्वर – निकुंज कामरा जी।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








