अब तो आवो मेरे ठाकुर जी,
आने में इतनी देर क्यु लगाई।।
तेरे दर का हूँ मैं तो भीखारी,
आया ठाकुर सरण में तुम्हारी,
थामो डुबे ये नैया हमारी,
आने में इतनी देर क्यु लगाई।।
मतलबी है सारा ज़माना,
तेरे चरणों में दे दो ठीकाना,
अब तो कर दो थोड़ी मेहरबानी,
आने में इतनी देर क्यु लगाई।।
दर पे आते लाखो भीखारी,
मैं ना जाउंगा दर से तेरे खाली,
विनती सुनलो ये ठाकुर हमारी,
आने में इतनी देर क्यु लगाई।।
अब तो आवो मेरे ठाकुर जी,
आने में इतनी देर क्यु लगाई।।
गायक / लेखक – देव शर्मा आमा।
8290376657








