आज सखी गुरु दर्शन दीना ए,
दे उपदेश गुरु आप सम कीना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
सतगुरु रुप अनुभव ऐसा,
कर प्रकाश तीवर हर लिना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
ब्रह्मवेता की अनुभव बाणी ए,
गुरु कृपा से सुधारस पीना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
भवसागर में जीव उलझिया ए,
बांय पकड़ गुरु पार कर लिना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
भीखदास गुरू ब्रह्म स्वरुप ए,
दास मलूक कोई अद्वैत रहीना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
आज सखी गुरु दर्शन दीना ए,
दे उपदेश गुरु आप सम कीना,
आज सखी गुरु दरसन दीना ए।।
गायक – सहीराम भाट सूरतगढ़।
प्रेषक – समुन्द्र चेलासरी।
मो.- 8107115329








