जाग जा ऐ जगदम्बा,
जाग जा ऐ,
जगाउ मैं दिन और रात
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
कंकु केसर री घार गराऊ,
थारो आंगणो लिपाऊ मैं तो आज,
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
कुम्हारी रे जाय में कलस मँगाउ,
थारो पाठ पुराऊ में आज,
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
दरजी रे जाय में वेश बनाऊ,
थारो रूप सजाऊ में तो आज,
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
सोनी रे जाय में हार बनाउ,
थारे गले पहनाऊ में तो आज,
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
धरम तंवर थारा भजन सुनावे,
थाने अर्जी लगावे वे तो आज,
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
जाग जा ऐ जगदम्बा,
जाग जा ऐ,
जगाउ मैं दिन और रात
कुलदेवी जाग जा ऐ।।
गायक / लेखक – धर्मेंद्र तंवर।
मोबाइल – 9829202569








