मैया का श्रृंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है,
लाल चुनरिया,
ओढ़ के मैया बैठी है,
पलभर में ये सबकी,
झोली भरती है,
मैया का श्रंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।।
तेरे दरबार की मैया,
निराली शान है जग में,
तेरी ममता की चर्चा है,
अब तो सारी दुनिया में,
ये सुंदर दरबार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।
मैया का श्रंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।।
हजारों भक्त आते है,
तेरे दरबार में मैया,
झोली सबकी भरी देखी,
तेरे दरबार में मैया,
मैया का भंडार,
खजाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।
मैया का श्रंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।।
तेरे चरणों की सेवा में,
गुजर जाए ये जिंदगानी,
मेरे सिर पर दया की हो,
सदा तेरी मेहरबानी,
मैया से रिश्ता,
पुराना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।
मैया का श्रंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।।
मैया का श्रृंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है,
लाल चुनरिया,
ओढ़ के मैया बैठी है,
पलभर में ये सबकी,
झोली भरती है,
मैया का श्रंगार,
सुहाना लगता है,
सबसे सुंदर,
सबसे न्यारा लगता है।।
🎤 Singer – Smrati Mourya
✍️ Lyrics – Shekhar Mourya








