भेरू म्हारो आवत,
रुना झुना घुंघरू बाजे रे,
अशो आवत भिलट धर्मी सत,
माय रेवा में नीर लेवे रे।।
देव तारी कई तो बखानू,
महिमा आज रे,
हूं थारा नाम से भारिया भंडारा,
माय रेवा में नीर लेवे रे।।
भैरू म्हारो गढ़ महेश्वर से,
तो आयो शमरतन र,
आंसू रोल गांव से भिलट धर्मी आज,
माय रेवा में नीर लेवे रे।।
देव कोई सूरो हो बे तो,
सिंग्री आबजे रे,
कोई घर पालना झूला दे आज,
माय रेवा में नीर लेवे रे।।
भेरू म्हारो आवत,
रुना झुना घुंघरू बाजे रे,
अशो आवत भिलट धर्मी सत,
माय रेवा में नीर लेवे रे।।
गायक – धर्मेंद्र राजपूत।
संपर्क – 7049440533








