मोत्या की लडी सांवरा,
हिरा सु जड़ी,
थारा पागड़ी रा पेचा माही,
मोत्या की लड़ी,
थारा पागडी रा पेचा माही,
मोत्या की लडी।।
केसरिया पितांबर ओढ़े,
रूप सुहाणा लागे,
होटा उपर अधर है मुरली,
प्यारी प्यारी लागे,
लाला सु जड़ी या मुरली,
लाला सु जड़ी,
थारा पागडी रा पेचा माही,
मोत्या की लडी।।
कसुंबल पाग कलंगी सोहे,
जामा की छवि न्यारी,
काना माही कुंडल दमके,
कमर्या सजी कटारी,
फुला की छड़ी सोहे,
फुला की छड़ी,
थारा पागडी रा पेचा माही,
मोत्या की लडी।।
तू ठाकुर में चाकर थारो,
मत वे ओडो डोडो,
देबी दीन गरिब हु दाता,
हाथ पकड़ मत छोडो,
बना दो बिगड़ी श्याम,
थे बना दो बिगड़ी,
थारा पागडी रा पेचा माही,
मोत्या की लडी।।
मोत्या की लडी सांवरा,
हिरा सु जड़ी,
थारा पागड़ी रा पेचा माही,
मोत्या की लड़ी,
थारा पागडी रा पेचा माही,
मोत्या की लडी।।
गायक – देव शर्मा आमा।
8290376657








