भाव के दो आँसू,
तू चढ़ा के देख ले,
सुनसी सुनसी सांवरो,
सुना के देख ले।bd।
मायत को भी मायत है,
यो सेठ सांवरो,
मायत के जो बस में ना,
वो इनसे मांग लो,
पल्लो अपनो सामने,
बिछा के देख ले,
सुनसी सुनसी सांवरो,
सुना के देख ले।bd।
एक तो बता दो,
जिने बाबो नाट्यो है,
सांवरो तो सबने ही,
खूब बांटो है,
तू भी माथा द्वार पे,
टिका के देख ले,
सुनसी सुनसी सांवरो,
सुना के देख ले।bd।
सांवरे के राज में,
तू मौज उड़ा,
श्याम पे ‘कमल’,
विश्वास बढ़ा,
सांवरे ने डोर तू,
थमा के देख ले,
सुनसी सुनसी सांवरो,
सुना के देख ले।bd।
भाव के दो आँसू,
तू चढ़ा के देख ले,
सुनसी सुनसी सांवरो,
सुना के देख ले।bd।
गायक – श्री संजय मित्तल जी।








