आजा आजा रे बजरंगी हनुमान,
दोहा – तिहूं लोक मे बाबा तूने,
भक्ति का दीप जलाया,
रोम रोम में बाबा तेरे,
सियाराम का रुप समाया।
आजा आजा रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली,
बाटड़ली रे बाबा बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
राम नाम में मस्त हुआ जी,
थे अंजनी का लाल,
घिरत सिन्दूर चढे तन ऊपर,
कसे लंगोटा लाल,
थारी बैठया बैठया करां गुणगान,
जोवां थारी बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
माथे पर थारे मुकट विराजे,
गल पुष्पन की माल,
द्वारे ऊपर नौबत बाजे,
ध्वजा फरूंके लाल,
अब तो बेगा सा बंचावो म्हाने आन,
जोवां थारी बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
संकट मोचन नाम आपको,
भक्तां रा प्रतिपाल,
सबका दुखड़ा दुर करो थे,
आवो जल्दी चाल,
सारी दुनिया देखेगी थारी शान,
जोवां थारी बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
खीर चुरमों भोग लगांवां,
भर-भर मोदक थाल,
सभी जणा मिल ध्यान लगांवा,
पल मे करदयो निहाल,
थारी भक्ति का मांगा वरदान,
जोवां थारी बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
ये ही अर्ज करता है सेवक,
मत कर टालम-टाल,
भक्त मण्डल की नईया बाबा,
पल मे करदयो निहाल,
थारी मीठी-मीठी लागे मुस्कान,
जोवां थारी बाटड़ली,
आज्या आज्या रे बजरंगी हनुमान,
जोवां थारी बाटड़ली।।
गायक – समुन्द्र चेलासरी।
मो.- 8107115329








