नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमह शिवाय रटता जा,
ॐ शिव ॐ शिव,
ॐ शिव ॐ शिव,
ॐ शिव ॐ शिव रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
शिव शंकर कैलाशपति है,
अंग भभूति रमाते है,
जटा जूट मे गंग विराजे,
गंगाधर को रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
भांग धतूरा भोग लगत है,
गले सर्पो की माला है,
नन्दी की असवारी सोहे,
नांदेश्वर को रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
भस्मासुर को भस्म कराया,
लीला अपरम्पार तेरी,
मोहनी रुप बणाया हरि ने,
लीलाधर को रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
भक्त मण्डल थारी महीमा गावे,
गाते है नर-नार तेरी,
ऐसे दीनदयाल मेरे दाता,
भूतनाथ को रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमह शिवाय रटता जा,
ॐ शिव ॐ शिव,
ॐ शिव ॐ शिव,
ॐ शिव ॐ शिव रटता जा,
नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय,
नमः शिवाय रटता जा।।
गायक – सुनील छिम्पा धनासर।
प्रेषक – समुन्द्र चेलासरी।
मो. – 8107115329








