हम तो ठहरे श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे,
मुलाकात आज रात की,
कैसे भूल पाएंगे,
हम तो ठहरें श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे।।
तर्ज – तुम तो ठहरें परदेसी।
वक़्त कभी रुकता नहीं,
चलता ही रहता है,
वक़्त कभी रुकता नहीं,
चलता ही रहता है,
कह दो चाँद तारों से,
जाके छुप जाएंगे,
हम तो ठहरें श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे।।
छोटा सा घर मेरा,
खाटू में बन जाए,
एक छोटा सा घर मेरा,
खाटू में बन जाए,
कभी तुम आना वहाँ,
कभी हम भी चले आएंगे,
हम तो ठहरें श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे।।
अरमान इक आखरी,
वादा करो फिर आओगे,
है अरमान इक आखरी,
वादा करो फिर आओगे,
साँसो की माला के,
‘शैली’ मनके टूट जाएंगे,
हम तो ठहरें श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे।।
हम तो ठहरे श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे,
मुलाकात आज रात की,
कैसे भूल पाएंगे,
हम तो ठहरें श्याम प्रेमी,
श्याम को रिझायेंगे।।
Singer & Lyrics – Vishal Shally








