चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी,
ये सुख अगर नसीब है,
ये सुख अगर नसीब है,
किरपा है उसकी भारी।।
नज़रों में सबकी अपनी,
किरपा की परिभाषा,
कहीं मन्नतों की डोरी,
खुशियों की कहीं आशा,
कोई सांवरे को पा के,
उसका हुआ आभारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हों बस मुरारी।।
उसकी रज़ा के आगे,
रहता है जो भी राज़ी,
थकता ना संकटों से,
उफ्फ ना करे ज़रा भी,
बस सांवरे प्रभु का,
बनके रहे पुजारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हों बस मुरारी।।
“नेहा” कहे ये सुन लो,
सांचा वो सुख है तेरा,
अंधियारी रात है तो,
होगा कभी सवेरा,
सिर पे चढ़ा ले थोड़ी,
मेरे श्याम की खुमारी,
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हों बस मुरारी।।
चेहरे पे ना शिकन कोई,
लब पे हो बस मुरारी,
ये सुख अगर नसीब है,
ये सुख अगर नसीब है,
किरपा है उसकी भारी।।
Lyrics – Neha Agrawal
Singer – Prateek Mishra
9389220702








