हे ऊतजी हरिया तो,
बागा में घाल्यो झुलणो,
अरर थांका बिराजी कि,
लारां झुलो आज,
भावज के प्यारा पाँवणा।।
है ऊत जी दादाजी की,
पोल्या झुलो डालियो,
अरर थांका दादाजी सु,
कर ल्यो मन कि बात,
दादिजी के प्यारा पाँवणा।।
है ऊत बाबा मायड कि,
गोदि मे करता छावणा,
अरर थाकी मायड का,
दुखडा तो मेटो आज,
मायड के प्यारा पाँवणा।।
है ऊत बाबा बेनड तो,
लडावे थांका लाड,
लडावे थाकां लाड,
बैनड के आज्यो पाँवणा।।
है ऊत बाबा दुधडलो,
ल्यायो जी थाकां भाई,
ल्यायो जी थांको भाई,
भाईयों के आज्यो पाँवणा।।
है ऊत बाबा आयोडा,
भक्त ने दर्शण देवजो,
यांका दुखडा न तो मेटो आज,
भक्त के प्यारा पाँवणा।।
है ऊत बाबा दुर्गेश कटारा,
शरणे आवियो,
अरर ऊत बाबा रवि रे,
कटारा शरणे आवियो,
अरर यांकी नैया ने तो,
करदो थे तो पार,
चोदस ने आज्यो पाँवणा।।
है ऊत बाबा मधुबाला करें गुणगान,
करें जी गुणगान,
जगदम्बा रिकॉर्डिंग माईने,
अरर यांकी न्यया ने तो,
कर दो थेतो पार,
मावस कि प्यारी रातों मे।।
हे ऊतजी हरिया तो,
बागा में घाल्यो झुलणो,
अरर थांका बिराजी कि,
लारां झुलो आज,
भावज के प्यारा पाँवणा।।
गायिका – मधुबाला चौहान।
लेखक / प्रेषक – दुर्गेश कटारा।
8769290858








