काई जाल बिछायो श्याम,
जो देख्यो फंसतो जावे है,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
तू उतनो कसतो जावे है।bd।
तर्ज – आ लौट के आजा।
इसी तर्ज पे – तू श्याम रिझा बंदे।
चौखट पे आवे,
आँसू बहावे,
कोई थाने पुकारे,,
आँधा ने आंख्या,
मिल जावे जइयाँ,
इक टक वो थाने निहारे,,
बैठ्यो-बैठ्यो दातार,
बैठ्यो-बैठ्यो दातार,
तू सिर पे हाथ फिरावे है,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
तू उतनो कसतो जावे है।bd।
मांग्या बिना ही,
मिल जावे नफ़रत,
ऐसी दुनिया सारी,,
प्यार लुटाने,
की श्याम आदत,
थारी है बस थारी,,
दिल से दिल को रिश्तो,
दिल से दिल को रिश्तो,
तू ही दिलदार निभावे है,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
तू उतनो कसतो जावे है।bd।
दिल का कदम मैं,
श्याम मुरारी,
थारी ओर बढ़ाऊँ,,
“श्याम बहादुर”,
“शिव” है पुजारी,
दिल में थारे समाऊँ,,
थारे दिल को बाबा श्याम,
थारे दिल को बाबा श्याम,
‘कपिल’ इब रस्तो चाहवे है,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
तू उतनो कसतो जावे है।bd।
काई जाल बिछायो श्याम,
जो देख्यो फंसतो जावे है,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
मैं जितनो छुड़ायो हाथ,
तू उतनो कसतो जावे है।bd।
Singer – Sanjay Mittal Ji








