थाकी सूरत प्यारी लागे,
थाकी मूरत प्यारी लागे,
मारा मंडफिया वाला सांवरिया,
थाकी सूरत प्यारी लागें।।
थारे मोर मुकुट माथा पे,
कान्हा में कुण्डल सौवें,
थारे गले मोतिया का हार,
म्हाने घणों रुखाड़ो लागे।।
थारी सांवली सूरतिया,
थारे हाथा में बांसुरिया,
मारा बंसी वाला सांवरिया,
थाकि बंसी प्यारी बाजे।।
थारी आख्या है कजरारी,
थारी सुन्दर छवी निराली,
थारी मूरत मनडो मोयो,
वो है श्याम सुन्दर गिरधारी।।
थे मंडफिया में पूजाओं,
दुनिया का सेठ कहाओ,
मारी रोजी रोटी चलाओ हो,
थाकी महिमा प्यारी लागे।।
भजना में ‘शौकीन’ गावे,
चरणा में अर्जी लगावे,
मारे मन की आस पुराओ नी,
सांवरिया मंडफिया वाला।।
थाकी सूरत प्यारी लागे,
थाकी मूरत प्यारी लागे,
मारा मंडफिया वाला सांवरिया,
थाकी सूरत प्यारी लागें।।
गायक / लेखक – शौकीन केवट।
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