वृंदावन सु आयो मोरियो,
कोटड़ी में चुगबा,
इन राधा रानी खंदायो रे,
मंडपिया रे बगंले चुगबा,
मारा सेठ जी के ठाट गणो,
तु फर फर मोरिया चूग जे।।
तु फर फर मौर्या चुगले,
वृंदावन ने भूल फरो,
तू राधा रानी ने खे दीजे,
मारा ठाकुर जी के ठाट गाना,
तू नित उठ पंख पसारजे मारा,
ठाकुर जी के ठाट गणो,
तू राधा राधा बोल ज,
मारा ठाकुर जी के प्यारो गणो।।
सुन वृंदावन का मोरिया,
तू चारभुजा के आवजे,
मारा ठाकुर जी का भजना न,
थू छाजा पर बैठ्यो गावजे,
सांवरिया का भजन मारा,
सांवरिया का मनड़ा ने तू,
घडी घडी लुभाव जे,
तू राधा राधा बोल जे,
मारा सांवरिया ने सुनावजे।।
तू चित्तौड़गढ़ में उड़ ज रे,
आज्य रे मोरिया बोर में,
मारा सांवरिया के कई कमी नहीं,
रिजे रे मोरिया मौज म,
शर्वण राछेटी गावे रे,
रीजे रे मोरिया मौज मे।।
वृंदावन सु आयो मोरियो,
कोटड़ी में चुगबा,
इन राधा रानी खंदायो रे,
मंडपिया रे बगंले चुगबा,
मारा सेठ जी के ठाट गणो,
तु फर फर मोरिया चूग जे।।
Singer – Sharwan Racheti
Upload By – Bharat Kumar Shringi
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