तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम भजन लिरिक्स

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तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम मेरे अलबेले श्याम भजन लिरिक्स

तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम,
मेरे अलबेले श्याम ।

अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥



घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में,

बावरी भयी डोलू ब्रिज की गलिन में ।
मेरे साँसों की माला तेरे नाम,
मेरे अलबेले श्याम



साँवरे सलोने यही विनती हमारी,

करदो कृपा मैं हूँ दासी तुम्हारी ।
तेरी सेवा करूँ आठों याम,
मेरे अलबेले श्याम ॥



जब से लड़ी निगोड़ी,
तुझ संग अखियाँ,

चैन नहीं, दिन मैं काटू,
रो रो के रतियाँ ।

तूने कैसा दिया ये इनाम,
मेरे अलबेले श्याम ॥



साँवरे सलोने यही विनती हमारी,

कर दो कृपा मैं हूँ दासी तुम्हारी,
तेरी सेवा करु आठो याम,
मेरे अलबेले श्याम ॥



तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम,
मेरे अलबेले श्याम ।

अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥