तू छोड़ फिकर चल खाटू में दिलदार सांवरा रहता है भजन लिरिक्स

तू छोड़ फिकर चल खाटू में दिलदार सांवरा रहता है भजन लिरिक्स

तू छोड़ फिकर चल खाटू में, दिलदार सांवरा रहता है, दातार नहीं इसके जैसा, ये सारा जमाना कहता है, तू छोड़ फिकर चल खाटु में, दिलदार सांवरा रहता है।। तर्ज – मेरे सामने वाली खिड़की में। तिरलोक पे हुकुम चले …

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