मुझे वृंदावन धाम बसा ले रसिया चित्र विचित्र जी भजन लिरिक्स

मुझे वृंदावन धाम बसा ले रसिया चित्र विचित्र जी भजन लिरिक्स

मुझे वृंदावन धाम बसा ले रसिया, हो बसाले रसिया, मीठी बाँसुरी की तान सुना दे रसिया।। यमुना तट कभी बंशीवट पे, तुझे ढूंढने जाऊँ, हा तेरे मिलन को तरसे अँखियाँ, कैसे दर्शन पाऊं, अपनी सांवरी सी, अपनी सांवरी सी सूरत …

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