काबिल नहीं हूँ तेरे फिर भी रिझा रहा हूँ भजन लिरिक्स

काबिल नहीं हूँ तेरे फिर भी रिझा रहा हूँ भजन लिरिक्स

काबिल नहीं हूँ तेरे, फिर भी रिझा रहा हूँ, शायद वो मान जाए, सर को झुका रहा हूँ।। नादान हूँ मैं बाबा, पुतला …

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