हरे घास री रोटी ही जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो लिरिक्स

हरे घास री रोटी ही जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो लिरिक्स

हरे घास री रोटी ही, जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो, नन्हो सो अमर्यो चीख पड्यो, राणा रो सोयो दुख जाग्यो।। हूँ लड्यो घणो …

पूरा भजन देखें

error: कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे