कैसी मुरलीया बजाई रे छलिया मन मोहना भजन लिरिक्स
कैसी मुरलीया बजाई रे, छलिया मनमोहना, मै तो दौड़ी दौड़ी चली आई रे।। तर्ज – पंख होते तो उड़ आती रे। दोहा – …
कैसी मुरलीया बजाई रे, छलिया मनमोहना, मै तो दौड़ी दौड़ी चली आई रे।। तर्ज – पंख होते तो उड़ आती रे। दोहा – …