झांकी रे झरोखे बैठी लाडली जनक की भजन लिरिक्स

झांकी रे झरोखे बैठी लाडली जनक की भजन लिरिक्स

झांकी रे झरोखे बैठी, लाडली जनक की।। राजा अनेक आए, एक से एक आए, अब विचारे देखो, धनुष तोड़न की, झाकी रे झरोखे …

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