हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा मेरे इन होठों पे हैं भजन लिरिक्स

हर घड़ी सुमिरन तुम्हारा, मेरे इन होठों पे हैं, नाम प्रियाकांत प्यारा, मेरे इन होठों पे हैं।। तर्ज - सांवली ...

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