सतगुरु से डोर अपनी क्यूँ ना बावरे लगाए भजन लिरिक्स
सतगुरु से डोर अपनी, क्यूँ ना बावरे लगाए, ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आये।। तर्ज - मुझे ...
Read moreDetailsसतगुरु से डोर अपनी, क्यूँ ना बावरे लगाए, ये सांस तेरी बन्दे, फिर आये या ना आये।। तर्ज - मुझे ...
Read moreDetailsडमरू वाले डमरू बजा, गंगा माँ को धरा पे तू ले आ, सब दुखड़े तू मिटा, डमरू वाले डमरू बजा।। ...
Read moreDetailsदरबार में राधा रानी के, दुःख दर्द मिटाये जाते है, दुनिया से सताए लोग यहाँ, सीने से लगाए जाते है।। ...
Read moreDetailsजब तेरी डोली निकाली जायेगी, बिन मुहूरत के उठा ली जायेगी।। तर्ज - दिल के अरमा आंसुओ में। उन हकीमों ...
Read moreDetailsश्याम जाने जिगर, तूने पहली नजर, जब नजर से मिलाई, मजा आ गया। तर्ज - मेरे रश्के कमर श्याम जाने ...
Read moreDetailsश्याम दीवानों ने, श्याम के प्यार में, ऐसी महफ़िल सजाई मजा आ गया।। तर्ज - मेरे रश्के क़मर श्याम दीवानों ...
Read moreDetailsकान्हा कूद पढ्यो रे जमुना में, रे कान्हा कूद पढ्यो रे जमुना में, कालिया नाग खदेड़ियायो, आ रा रा रा ...
Read moreDetailsसखी री बाँके बिहारी से, हमारी लड़ गयी अंखियाँ, बचायी थी बहुत लेकिन, हाँ बचायी थी बहुत लेकिन, निगोड़ी लड़ ...
Read moreDetailsश्री राम तेरी महिमा से, काम हो गया है, मंदिर बनेगा रास्ता, आसान हो गया, श्री राम तेरी महिमा से, ...
Read moreDetailsगुरु चरण कमल बलिहारी रे, मेरे मन की दुविधा टारि रे, गुरु चरण कमल बलिहारी रे।। भव सागर में नीर ...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary