ओ सांवरे तूने ही मुझको संभाला,
तूने ही मुझको संभाला,
मुश्किल की घड़ियों में,
दुखों की झड़ियों में,
तू ही बना रखवाला,
तूने ही मुझको संभाला।bd।
तर्ज – ओ साथी रे।
दर दर मैं तो भटक रहा था,
आंखों में सबकी खटक रहा था,
कोई बना ना मेरा सहारा,
तब मैं अकेला सोच रहा था,
अब कौन आएगा,
साथ निभाएगा,
कौन बनेगा हमारा,
तूने ही मुझको संभाला।bd।
जिसको जैसी पड़ी जरूरत,
उसने अपना काम निकाला,
मुझको पड़ी जब उनकी जरूरत,
उनकी जुबां पर लग गया ताला,
अपने जो रूठे है,
साथी सब छूटे है,
तब जाके तुझको पुकारा,
तूने ही मुझको संभाला।bd।
जब से मैंने तुझको पुकारा,
साथ खड़ा है ये जग सारा,
साथ तू मेरा छोड़ ना देना,
जी ना सकेगा ‘राहुल’ तुम्हारा,
तू मेरी नैया है,
तू ही खिवैया है,
गोविंद ना करना किनारा,
‘निशा’ ने तुझको पुकारा,
तूने ही मुझको संभाला।bd।
ओ सांवरे तूने ही मुझको संभाला,
तूने ही मुझको संभाला,
मुश्किल की घड़ियों में,
दुखों की झड़ियों में,
तू ही बना रखवाला,
तूने ही मुझको संभाला।bd।
Singer – Nisha Dutt
Lyrics – Rahul Sharma








