मैं तो लहर लहर लहराऊंगी,
चुनर पे खोली छपाऊंगी,
मैं तो बन के मोरनी आऊगी,
खोली मे ज्यौत जगाऊगी।।
छम छम मेरी पायल बोले,
चाल चलू मतवाली,
बावन गज का घुम घाघरा,
डोरी काली काली,
मै तो मन से दोज मनाऊं,
खोली मे ज्यौत जगाऊगी।।
मडकन वाली जूती पहरू,
पहरू नौलख हार,
रेशम की कुर्ती पहरू गीता,
रंग चटाके दार,
मैं तो जोहड़ छाट के आऊगी,
खोली में ज्यौत जगाऊगी।।
ढूगें पे तगडी झुले,
कानों में कुण्डल प्यारे,
गले में कंठी सोने की,
कंगन टिका सारे,
मैं तो झूठे पे भोग लगाऊंगा,
खोली में ज्यौत जगाऊगी।।
सुरेन्द्र सिंह निठौरा वाला,
छंद लिखे से न्यारे,
झूम झूम के नाचूँ गाउँ,
बाबा तेरे द्वारे,
मैं तो मन्दिर धोक लगाऊगी,
खोली में ज्यौत जगाऊगी।।
मैं तो लहर लहर लहराऊंगी,
चुनर पे खोली छपाऊंगी,
मैं तो बन के मोरनी आऊगी,
खोली मे ज्यौत जगाऊगी।।
गायक – सुरेन्द्र सिंह निठौरा।
9999641853








