जरा मन की किवड़िया खोल हरि तेरे द्वारे खड़े लिरिक्स
जरा मन की किवड़िया खोल, हरि तेरे द्वारे खड़े, द्वार खड़े हरि द्वार खड़े, द्वार खड़े हरि द्वार खड़े, ज़रा...
Read moreDetailsजरा मन की किवड़िया खोल, हरि तेरे द्वारे खड़े, द्वार खड़े हरि द्वार खड़े, द्वार खड़े हरि द्वार खड़े, ज़रा...
Read moreDetailsकरो रे मन चलने की तैयारी, दोहा - जाते नहीं है कोई, दुनिया से दूर चल के, आ मिलते हैं...
Read moreDetailsगजब रीत चली कलयुग में, राम राम राम, गजब रीत चली।। जन्मदिन पर पूजा पाठ ना किया, कटबा दयै केक...
Read moreDetailsमेरे घर के देवता मेरे भगवान है, मेरे भगवान है, वही मेरी जिंदगी है वही मेरे प्राण है, मेरे घर...
Read moreDetailsअब तो भजन करो भाई, ये काया तेरी हो गई पुरानी रे, हो गई पुरानी काया हो गई पुरानी, अब...
Read moreDetailsसादा जीवन सुख से जीना, अधिक लड़ाना ना चाहिए, भजन सार है इस दुनिया में, कभी बिसरना ना चाहिए।। मन...
Read moreDetailsथारो निर्मल निर्मल पानी, नर्मदा महारानी महारानी, महारानी न कल्याणी, नर्मदा महारानी महारानी।। माई थारा नीर मा ब्रम्हा जी नहाया,...
Read moreDetailsगहरी नर्मदा न गेहरो पानी, ओ गहरी नर्मदा ने गेहरो पानी, देखी न जीव घबराये हो, मैय्या पार लगाऊजो।। काम...
Read moreDetailsअनंत चतुर्दशी त्यौहार आया, प्रभु किरपा की बरसात लाया।। अयोध्या में श्री राम, मथुरा में श्री श्याम, अवध जन्मे श्री...
Read moreDetailsबिन हरि नाम गुजारा नहीं, रे बावरे मन किनारा नहीं, रे बावरे मन किनारा नहीं।। तर्ज - ज्योत से ज्योत।...
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