जद अजमल जी होता बाजिया तब मालिक थारो भजन कियो
जद अजमल जी होता बाजिया, तब मालिक थारो भजन कियो, करणी रे काज गोविंद घर आया, आय रणुजे अवतार लियो,...
Read moreDetailsजद अजमल जी होता बाजिया, तब मालिक थारो भजन कियो, करणी रे काज गोविंद घर आया, आय रणुजे अवतार लियो,...
Read moreDetailsसमंद रा मोती रे, चल हंसा उस देश, समंद रा मोती, समंद रा मोती, समंद रा मोती रें, चल हंसा...
Read moreDetailsभरा सत्संग का दरिया, नहालो जिसका जी चाहे।। दोहा - एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनिआध, तुलसी सत्संग साध...
Read moreDetailsचार पहिया रो रथडो बनायो, रथड़ा रा पहिया निकल जासी, धीरे धीरे हाँको थारा रथड़ा ने, गोकुल रा वासी रे...
Read moreDetailsहरि जी म्हारी आई अर्ज सुण लिज्यो, दोहा - संत मुक्ति का पोलिया, इनसे करिये प्यार, कुची उनके हाथ में,...
Read moreDetailsराम नाम का सुमिरन करले, फेर प्रेम की माला रे, उसका दुश्मन क्या कर सकता, जिसका राम रुखाला रे।। हिरणाकुश...
Read moreDetailsडाली कर जोड़ सुनावे, निज सतगुरु ने समझावे, हो म्हारा बाप जी, मैं तो लेउला समाधि, थांसू पहली।। राम सरोवर...
Read moreDetailsकरना हो सो करले जल्दी, मानुष तन अवतार में। दोहा - घणी गई थोड़ी रही, या म पलपल जाय, एक...
Read moreDetailsमत ले समाधि डालाबाई, मत ले समाधि, थारी छोटी सी ऊमर में, काई रंग लाग्यो डालाबाई ये, मत ले समाधि...
Read moreDetailsगुरु की दुआई मैं तो, झूठ कोनी बोला रे हे। दोहा - रामा मोरी राखियो, अबके डोरी हाथ, और नहीं...
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