एड़े मते जग में चालनो भवजल उतरो पार भजन
हंस संत गत एक है, करे निज मोतीयो रो आहार, अगल वचन री आखड़ी, ऐसा है स्वभाव, एड़े मते जग...
Read moreDetailsहंस संत गत एक है, करे निज मोतीयो रो आहार, अगल वचन री आखड़ी, ऐसा है स्वभाव, एड़े मते जग...
Read moreDetailsजल की लहर उठी मेरे दिल में, तन की तपन बुझाए दीजो, गुरू सा पाय लागू, शब्द सुनाए दीजो, शब्द...
Read moreDetailsसार शब्द ले ऊबरो, दोहा - बंदी छोड़ दयाल प्रभू, विघ्न विनाशक नाम, आ शरण शरण बंदौ चरण, सब विधि...
Read moreDetailsगुरू करना बाला भोला, नुगरा नी रेवना, गुरू रे प्रताप चेला, अमीरस पिवना, जीए नर गेला, गुरू बिना ज्ञान कहाँ...
Read moreDetailsशहेरिये में बाज रही बीन बंशी, अखंड धुन बाज रही बंशी गहरी।। ज्ञान ध्यान रा धोरा बाधा, लागी सुरत तणी,...
Read moreDetailsगुरुजी जींझे वालो धोरों, म्हाने फुटरो लागे।। गुरुजी बगरैवाले धोरे आवां, आकर के धोक लगावा, गुरुजी जींझे वालों धोरों, म्हाने...
Read moreDetailsडस गयो रे भंवर कालो नाग, राधा तोरी अंगुली में।। रंग महल सु उतरी राधीका, कर सोहला सिणघार, मु थने...
Read moreDetailsआशा ले आया थारे ठेट, ओ मारी आशा कवरी, सरणे आयो रा दुःख मेट दो, मारी आध भवानी, तन मन...
Read moreDetailsकागलिया गेरो रे मिठो बोल, गुरु सा आवेला जद पावणा, आवेला जद पावणा, आवेला जद पावणा, कागलियां गेरो रे मीठे...
Read moreDetailsशरणे आयो री लजिया रखो, मालिक मेरा, चरणों मैं लियो तुम्हारो, आओ मेरा सतगुरु आंगन विराजो, गुण दे मेरा अवगुनिया...
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