कुछ पाने के खातिर तेरे दर हम भी झोली फैलाए हुए है
कुछ पाने के खातिर तेरे दर, हम भी झोली फैलाए हुए है। दोहा - कोई कह रहा की, महल बनवाऊंगा...
Read moreDetailsकुछ पाने के खातिर तेरे दर, हम भी झोली फैलाए हुए है। दोहा - कोई कह रहा की, महल बनवाऊंगा...
Read moreDetailsझुकता चरणों में जग ये सारा है, झुकता चरणों में जग ये सारा है, तेरा दरबार बड़ा प्यारा है, तेरा...
Read moreDetailsमाँ भवानी जग की रानी, तू सती भव भन्जनी, जग की जननी जगत माता, आदि माँ भव हारिणी, हर रूप...
Read moreDetailsमैं बालक आया तेरे दरबार में, खोने लगा तेरी जयकार में, अपना बना लो मेरी माँ, शेरावालिए, अपना बनालो मेरी...
Read moreDetailsभोले शंकर की दुल्हनिया, जग की पालन हारी, जग की पालन हारी मैया, तीन लोक से न्यारी, भोलेशंकर की दुल्हनिया,...
Read moreDetailsमैं दो दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है, एक माता मेरी जननी है, एक जग की...
Read moreDetailsतेरे दर को मैं आज आया, तेरे दर्शन को मैं आज पाया, शेरोवाली मैया तेरी, जय जयकार कर रहे है,...
Read moreDetailsजे मैं होन्दा दातिये, मोर तेरे बागां दा, तेरी बागी पहलां पांदा, तैन्नु नच्च के व्खांदा, हो तेरे रज्ज रज्ज...
Read moreDetailsमोरे सबरे बना रई काम, शारदा मैहर की, मोरे बिगड़े बना रई काम, शारदा मैहर की।। मेघ दया के पल...
Read moreDetailsमहादेवी का ये दरबार, दीवाना जग को करे, आदि शक्ति का माँ अवतार, दीवाना जग को करे।। कभी सती कभी...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary