मेरे सतगुरु दीनदयाल काग से हंस बनाते भजन लिरिक्स
मेरे सतगुरु दीनदयाल, काग से हंस बनाते।। भरा जहां भक्ति का भंडार, लग्या जहाँ सतगुरु का दरबार, शब्द अनमोल सुनाते...
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मेरे सतगुरु दीनदयाल, काग से हंस बनाते।। भरा जहां भक्ति का भंडार, लग्या जहाँ सतगुरु का दरबार, शब्द अनमोल सुनाते...
समझी लेवो रे मना भाई, अंत नी होय कोई आपणा, समझी लेवो रे मना भाईं, अंत नी होय कोई आपणा।।...
समाय गई रे समाय गई रे, मोरी सुरती पिया में, समाय गई रे।। जब से संग सतगुरु जी की पाई,...
मोको लाग्यो रे सतसंगी, थारो भाग जाग्यो रे, मौको लाग्यों रे।। गली गली हरी चर्चा होवे, जाणो सतगुरु आयो रे,...
आनंद मंगलाचार, सिंगाजी घर, आनन्द मंगलाचार।। निर्गुण का गुण, कसा हम गावा रे, गुण को अंत नी पार, सिंगाजी घर,...
झिलमिल ज्योत, झलक रया मोती, पारी ब्रम्ह निरंजन आरती।। काहे करू दिवलो, न काहे करू बाती, आसी काहन ज्योत, जलहु...
पीवजी मन मत करजो उदास, सदा तुम हासी न रहजो जी, म्हारा मन म खुशी की बड़ी आस, सदा तुम...
कसो तज्यो रे लाडिला, भइया रे मख, कसो तज्यो लाड़िला, मनरंग अपराध कैला, भइया रे मख, कसो तज्यो लाड़िला।। मारग...
दिन जिंदगी के चार, चाहे कम देना, मुझे खाटू में अगला, जनम देना, तेरी चौखट पे, जनम मरण देना, मुझे...
कोई सुबह ना हो ऐसी, कोई ऐसी शाम ना हो, होंठों पे श्याम मेरे, जब तेरा नाम ना हो, कोईं...
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