है प्रेम जगत में सार और कछु सार नहीं लिरिक्स
है प्रेम जगत में सार, और कछु सार नहीं।। देखे - रे मनवा प्रेम जगत का सार। मीरा का इकतारा...
है प्रेम जगत में सार, और कछु सार नहीं।। देखे - रे मनवा प्रेम जगत का सार। मीरा का इकतारा...
बाबोसा के पास है जो, बड़े खुश नसीब है, जो चरणों से दूर इनके, वो बदनसीब है, जब सर पे...
आजा माँ काली, तेरी भगतणी, ला बैठी दरबार री, एक आस सै तेरे पै, करो भगतों का उद्धार री।। ज्योत...
श्याम मिजाजी जी, थे रहिजो राजी जी, अरज करा हाथ जोड़।। तर्ज - हम तुम चोरी से। ग्यारस की ग्यारस...
भवन में खेल खिलावेगी, सच्चे मन तै सुमर लिए, माँ काली आवैगी।। मां काली सिर खेल खेल के, कष्टों का...
आवेगा दादा खेड़ा, आवैगा दादा खेड़ा, पहर क धौला भाणा, आके न रंग जमाणा, धर देगा सिर प हाथ र...
तेरी तिरछी नज़र ने, क्या जादू किया। दोहा - टेढ़ो सर पे मुकुट विराजे, टेढ़ी तेरी चाल, टेढ़ी तेरी बांकी...
अपना तो सब कुछ कन्हैया, एक तू संसार में, जी रहा ये ज़िन्दगी मैं, आपके ही प्यार में, अपना तो...
तेरे भवन सजाए आज, मेरे अंगना बालाजी, मैं तने बुलाऊं आज, मेरे अंगना बालाजी।। तेरे नाम की ज्योत जगाई, धर...
एहसान तेरे इतने, कैसे मैं चुकाऊंगा, क्या क्या किया है तुमने, कैसे मैं भुलाऊँगा, एहसान तेरे इतनें, कैसे मैं चुकाऊंगा।।...
© 2016-2026 Bhajan Diary