पावन धरती उजला अंबर,
साच्चै माणस नहीं आडम्बर,
वातावरण सुखीला सै,
इस म्हारे हरियाणे में,
हर तीज त्योहार सजीला सै,
इस म्हारे हरियाणा मै।।
आया दशहरा रामायण की,
बातें घर घर होती,
दीपमालिका आई हंसती,
जगमग जगमग ज्योति,
मोती बरसे फुलझड़ियों से,
बजे पटाखे बंध लडियों से,
ये दिन बड़ा छबीला सै,
इस म्हारे हरियाणा मै।।
बसंत आई सरसों फूली,
वसुधा भी मुस्काई,
लाल गुलाल किए पिचकारी,
लेकर होली आई,
पोंची बाँधे प्यारी बहना,
नारी पहने सत का गहना,
प्यारी कृष्ण की लीला सै,
इस म्हारे हरियाणा मै।।
पावन धरती उजला अंबर,
साच्चै माणस नहीं आडम्बर,
वातावरण सुखीला सै,
इस म्हारे हरियाणे में,
हर तीज त्योहार सजीला सै,
इस म्हारे हरियाणा मै।।
Singer – Raj Kumar Bhardwaj
Cont. – 9034581000








