आजा आजा रे बाबा जी,
नीले घोड़े चढ़ के घोड़े चढ़ के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
लीला धारी मोहन मुरारी,
कलयुग के अवतारी,
सारे जग मे गुंज रही है,
जय जय कार तुम्हारी,
नहीं नहीं नहीं रे बाबा जी,
कोई तोसे बढ़के तोसे बढ़के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
ऋषि मुनि योगी संतों ने,
डट कर ध्यान लगाया,
खोज ख़ोज कर हर कोई हारा,
पार ना तेरा पाया,
देखो देखो रे बाबा जी,
म्हारा जीयो धड़के जीयो धड़के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
मन मन्दिर में बाबा तेरी,
सुरत बस गईं प्यारी,
छोड़ देई मैंने दुनिया सारी,
तुझ से कर ली यारी,
केसे केसे रे बाबा जी,
जाओ हमें छोड़ के हमें छोड़ के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
सुरेन्द्र सिंह निठौरा तेरे,
चरणों का पुजारी,
कर दे नजर महर की बाबा,
मैं तेरा प्रचारी,
धीरे धीरे रे बाबा जी देख,
व्यक्त रड़के व्यक्त रड़के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
आजा आजा रे बाबा जी,
नीले घोड़े चढ़ के घोड़े चढ़ के,
सारे भक्ता बैठे तेरे दर अड के।।
गायक – सुरेन्द्र सिंह निठौरा।
9999641853








