बाबा तेरी किरपा की है,
आज हमें दरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार।।
आंख से बहता झर झर पानी,
चिख चिख कर कहता है,
इतने भी क्या दुख होते जो,
दास यह तेरा सहता है,
चारों ओर से गूंज रही है,
हारो की चित्कार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार।।
कब से रहे पुकार ना जाने,
बैठे हो किस कोने में,
एक ही लम्हा लगता है जी,
बाबा सब कुछ खोने में,
बालक है कमजोर करो ना,
कड़ा प्रभु व्यवहार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार।।
लाज़ बचाने वाले क्या तुम,
लाज़ लूटी तब आओगे,
क्या विश्वास ‘कमल’ का बाबा,
तार तार कर जाओगे,
मैं द्वापर की हूँ पांचाली,
बनो जी लीलाधार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार।।
बाबा तेरी किरपा की है,
आज हमें दरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार,
पल भर की देरी में कुछ भी,
बचेगा ना सरकार।।
🎤 गायक / Singer – Sanjay Mittal Ji
📜 प्रेषक / Upload By – Nitin Sharma
☎️ संपर्क / Contact – 9999515264








